मुचीपाड़ा ट्रैफिक गार्ड की तत्परता प्रभारी नंदन दुबे और एएसआई संजय ओझा की मुस्तैदी से माँ की गोद में लौटा भटका मासूम

मुचीपाड़ा ट्रैफिक गार्ड की तत्परता प्रभारी नंदन दुबे और एएसआई संजय ओझा की मुस्तैदी से माँ की गोद में लौटा भटका मासूम

​दुर्गापुर: मुचीपाड़ा क्षेत्र में खाकी वर्दी का एक बेहद संवेदनशील और सराहनीय चेहरा सामने आया है। मुचीपाड़ा ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी नंदन दुबे और एएसआई संजय ओझा की त्वरित कार्रवाई और तत्परता की बदौलत एक रास्ता भटका हुआ मासूम बच्चा सुरक्षित अपनी माँ की गोद में पहुँच सका। पुलिस अधिकारियों की इस मानवीय पहल और सतर्कता की पूरे इलाके में जमकर प्रशंसा हो रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, व्यस्त सड़क पर एक छोटे से मासूम को अकेला, सहमा हुआ और भटकता देख ड्यूटी पर तैनात एएसआई संजय ओझा की नज़र उस पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना ट्रैफिक गार्ड प्रभारी नंदन दुबे को दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों अधिकारियों ने बिना वक्त गंवाए बच्चे को अपनी सुरक्षा में लिया और उसे दुलारकर चुप कराया।इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बच्चे से प्यार से बातचीत कर उसके अभिभावक का फोन नंबर हासिल किया। नंबर मिलते ही तुरंत उसकी माँ से संपर्क साधकर पूरी स्थिति की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही बदहवास माँ मौके पर पहुँची, जहाँ पुलिस अधिकारियों ने पूरी कागज़ी प्रक्रिया और उचित पहचान की पुष्टि करने के बाद ही मासूम को सुरक्षित उसकी माँ के सुपुर्द किया।मासूम के अचानक गायब होने से बदहवास और रोती-बिलखती माँ को जब पुलिस अधिकारियों ने उसका बच्चा सुरक्षित सौंपा, तो माहौल बेहद भावुक हो उठा। अपनी गोद में कलेजे के टुकड़े को पाकर माँ की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। परिजनों ने प्रभारी नंदन दुबे, एएसआई संजय ओझा और मुचीपाड़ा ट्रैफिक गार्ड की पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।​स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों की इस सतर्कता, सूझबूझ और मानवीय सोच ने न केवल एक परिवार को बड़ी अनहोनी से बचा लिया, बल्कि आम जनता के दिल में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास को भी और मजबूत किया है।


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